नई दिल्ली, मार्च 24 -- दुनिया में सैन्य ताकत बढ़ाने की होड़ अब छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स तक पहुंच चुकी है। अमेरिका ने अपने F-47 फाइटर जेट की घोषणा कर दी है, जिसे बोइंग विकसित कर रहा है। वहीं, चीन पहले ही अपने J-36 फाइटर जेट पर काम कर रहा है। दोनों देशों के इन आधुनिकतम विमानों की क्षमताओं को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है। आर्टिकल में हम जानेंगे कि अमेरिका और चीन के इस फाइटर जेट्स की जंग में कौन कितना आगे है? यह भी समझेंगे कि इस हाई-टेक रक्षा स्पर्धा में भारत कहां खड़ा है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि F-47 दुनिया का पहला पूर्ण रूप से छठी पीढ़ी का मानवयुक्त फाइटर जेट होगा। इसे आधिकारिक तौर पर नेक्स्ट जनरेशन एयर डॉमिनेंस भी कहा जा रहा है। ट्रंप ने एक बयान में कहा कि यह दुनिया का इकलौता छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा।...
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