कौशाम्बी, दिसम्बर 30 -- अमेठी की साहित्यिक धरती गौरीगंज में मौर्य बंधुत्व क्लब-भारत के तत्वावधान में विशाल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन 28 दिसम्बर को किया गया। सम्मेलन में जिले के चर्चित कवि साहिल दर्पण ने अपनी सशक्त और मर्मस्पर्शी रचनाओं से हजारों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देशभर से आए नामचीन कवियों के बीच साहिल दर्पण की प्रभावशाली प्रस्तुति ने विशेष पहचान बनाई और उन्हें संस्था की ओर से प्रतिष्ठित 'उत्कृष्ट उपलब्धि सम्मान' से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जब साहिल दर्पण ने मां की महिमा पर अपनी संवेदनशील पंक्तियां- जिस्म होता है जां नहीं होती, जिंदगी खुशनुमा नहीं होती। कैसे कटता है बचपना पूछो, जिनके बचपन में मां नहीं होती... पढ़ी तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। श्रोता भावविभोर हो गए और देर तक तालियों का सिलसि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.