गौरीगंज, दिसम्बर 6 -- शुकुल बाजार, संवाददाता। क्षेत्र की पशु चिकित्सा व्यवस्था पिछले कई वर्षों से गहरी सांस ले रही है। हालत यह कि 50 हजार से अधिक मवेशियों के स्वास्थ्य संरक्षण का जिम्मा विभाग मात्र एक चिकित्सक के भरोसे निभा रहा है। बाजार शुकुल और फुंदनपुर के दो राजकीय पशु चिकित्सालय कागज़ों में तो सक्रिय हैं, लेकिन वास्तविकता में मवेशियों की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे है। भवन जर्जर हो गए हैं और विभाग संसाधनों और कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहे इलाज 54 ग्राम पंचायतों वाले विकास खंड बाजार शुकुल में पशुपालकों को इलाज के नाम पर केवल औपचारिकताएं ही मिल रही हैं। फुंदनपुर राजकीय पशु चिकित्सालय में 15 वर्ष, जबकि बाजारशुकुल अस्पताल में करीब 25 वर्ष से न तो डॉक्टर नियुक्त हुए और न ही फार्मासिस्ट। दोनों अस्...