वाराणसी, सितम्बर 22 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। श्रीलंका में आयोजित 5वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज में अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों पर भारतीय शोधों को सराहना मिली। बीएचयू के युवा शोधार्थियों ने अपनी अकादमिक प्रतिभा का परिचय दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ श्रीजयवर्धनेपुरा और सार्क कल्चरल सेंटर की तरफ से 19-20 सितंबर को आयोजित कॉन्फ्रेंस में विभिन्न देशों के 600 से अधिक विद्वानों ने अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रासंगिकता पर विचार रखे। बीएचयू के इतिहास विभाग के शोधार्थी सूरज नाथ और सुधीर कुमार, प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के शोधार्थी छोटे लाल और लखनऊ विश्वविद्यालय के शोध छात्र अमूल्य कुमार गुप्ता ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सभी ने भारतीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और समकालीन संदर्भों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। शोधार्थ...