प्रयागराज, सितम्बर 1 -- प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती 2010 की जांच कर रही सीबीआई की ओर से हाईकोर्ट में प्रस्तुत अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हुई धांधली का खुलासा हुआ है। इसमें अमान्य और फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन तो हुआ ही है विकलांग तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे के अभ्यर्थियों का हक मारकर चहेतों का चयन कर दिया गया। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जिन तीन अधिकारियों के विरुद्ध जांच करने की अनुमति आयोग से ली है, उन अधिकारियों ने सीबीआई की ओर से पूछताछ के लिए मिली नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में सीबीआई मुख्यालय नई दिल्ली की ओर से यूपीपीएससी अध्यक्ष को आरोपित अफसरों के विरूद्व जांच की अनुमति देने से संबंधित पत्र 23 अगस्त 2021 की प्रति लगाई गई है। इस पत्र...
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