बांका, जून 21 -- अमरपुर (बांका), निज संवाददाता| बांका जिले के अमरपुर प्रखंड अंतर्गत कटोरिया की पहचान कई दशकों से सिल्क एवं तसर कपड़े के उत्पादक के रूप में हो रही है। इस गांव के अधिकांश लोगों का यह पुश्तैनी काम है लेकिन यहां के बुनकरों को अपनी पहचान नहीं मिल सकी। गांव में पुराने जमाने के चरखे तथा हैंडलूम अब भी घरों में दिखाई पड़ते हैं, हालांकि बदलते समय के अनुसार गांव के कुछ घरों में पावरलूम भी आ गए हैं। लेकिन हैंडलूम से बना धागा तथा उस धागे से बने कपड़े की क्वालिटी काफी अच्छी होने का दावा बुनकरों द्वारा किया जाता है। गांव के लोगों को इस बात का दुख है कि वह अपने पुश्तैनी काम को अब तक करते आ रहे हैं लेकिन इसका सारा श्रेय भागलपुरी सिल्क को मिल जाता है, यहां उद्योग विभाग द्वारा बुनकरों की पहचान किए बिना ही ऐसे लोगों को सरकारी सहायता दे दी जात...
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