संभल, मई 29 -- सरकारी प्रयासों से हर साल हज़ारों युवाओं को सपने देखने का हक़ है, लेकिन जब मेहनत, संसाधन और इरादे के बावजूद मंज़िल महज़ कुछ लोगों तक ही पहुंचे तो सवाल उठना लाज़मी हो जाता है। ऐसी ही एक महत्वाकांक्षी योजना है उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को निशुल्क मार्गदर्शन देकर उन्हें सिविल सेवा, नीट, जेईई, पुलिस, और सेना जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का दावा करती है। संभल जिले में पिछले तीन वर्षों से यह कोचिंग एमजीएम डिग्री कॉलेज, संभल और राजकीय पॉलिटेक्निक, चन्दौसी में संचालित हो रही है, लेकिन परिणामों पर नज़र डालें तो हकीकत थोड़ी कड़वी है। बीते तीन वर्षों में कुल 792 विद्यार्थियों ने अभ्युदय कोचिंग में दाखिला लिया। इनमें से महज़ आठ ही प्रतियोगी प...
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