नई दिल्ली, जुलाई 30 -- नए पंजीकरण विधेयक-2025 के तहत हर संपत्ति लेनदेन के लिए ओटीपी-आधारित सत्यापन अनिवार्य होगा, जिससे आयकर विभाग को हर छोटी-बड़ी खरीद की डिजिटल जानकारी मिल सकेगी। यह बदलाव बेनामी संपत्तियों पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।कैसे काम करेगी नई व्यवस्था? 1. पैन और आधार का दोहरा सत्यापन: संपत्ति खरीदार और विक्रेता के पैन कार्ड को ओटीपी के जरिए सत्यापित किया जाएगा। आधार नंबर का सत्यापन किया जाएगा। अंतिम मंजूरी: सब-रजिस्ट्रार अपने अधिकृत मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से लेनदेन को अंतिम मंजूरी देगा। सत्यापन के बाद डिजिटल कॉपी सीधे आयकर विभाग को भेजी जाएगी । 2. आयकर विभाग की निगरानी: एआई सिस्टम खरीदार की पिछले 5-6 साल की आय और संपत्तियों का विश्लेषण करेगा। यदि कोई आय से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदता है, तो स्वचा...
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