भागलपुर, फरवरी 5 -- भागलपुर में स्कूली बच्चों के सफर को सुरक्षित और सेहतमंद बनाने के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। मुख्यालय ने साफ कह दिया है कि अब सड़कों पर दौड़ने वाली स्कूल बसों की केवल फिटनेस और इंश्योरेंस की जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि बसों के अंदर की साफ-सफाई की भी कड़ी परीक्षा होगी। अक्सर देखा जाता है कि कागजों पर तो बसें ठीक रहती हैं, लेकिन अंदर गंदगी का अंबार होता है। अब जांच में यह बारीकी से देखा जाएगा कि बस के अंदर धूल, जाले या फटी हुई सीटें तो नहीं हैं। इसके अलावा बसों में फर्स्ट एड बॉक्स यानी प्राथमिक चिकित्सा किट का होना भी अनिवार्य कर दिया गया है। जांच अधिकारियों को यह पक्का करना होगा कि बॉक्स में रखी दवाएं और मरहम-पट्टी पुरानी या एक्सपायर न हों। नियम तोड़ा तो रद्द होगा परमिट पटना मुख्यालय ने दो टूक शब्दों में कह दिया...