नई दिल्ली, फरवरी 20 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को उच्च शिक्षण संस्थानों से मैकाले की औपनिवेशिक शिक्षा मानसिकता से मुक्त होकर 'विकसित भारत' के लक्ष्य के अनुरूप स्वयं को ढालने का आह्वान किया। वह श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में युगांतर वार्षिक प्रबंधन कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज द्वारा संचालित प्रतिष्ठित दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशंस (पीजीडीजीबीओ) को पूर्णकालिक मास्टर डिग्री कार्यक्रम में परिवर्तित करने की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमें उस मैकालेवादी सोच से बाहर निकलना होगा जिसने भारत को अकादमिक रूप से जकड़ रखा था। प्रधानमंत्री की परिकल्पना में तैयार राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को 'विश्व गुरु' बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगी। एसआरसीसी ...