बिजनौर, फरवरी 24 -- जनपद में पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अधिक सटीक और विशेषज्ञतापूर्ण बनाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इसके अनुसार आने वाले समय में शासन के नए आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विशेषज्ञ के निर्देशन में जूनियर डॉक्टर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अंजाम देंगे। गौरतलब है कि अब तक जनपद में पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी जिला अस्पताल के डॉक्टरों या मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन आने वाले पीएचसी और सीएचसी के चिकित्सकों पर होती थी। रोटेशन के आधार पर इन डॉक्टरों की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस में लगाई जाती थी। लेकिन शासन के नए आदेश के अनुसार अब यह जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित होगी। अफसरों के अनुसार आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर फोरेंसिक मेडिसिन अरिन्दम चटर्जी के निर्देशन में जूनियर डॉक्टर अ...