फतेहपुर, नवम्बर 3 -- फतेहपुर। धान किसानों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। कभी बारिश तो कभी फसलों के रोग के कहर से धान की फसलों का नुकसान हुआ तो अब पकी धान की फसल में सूंडी जोराई का प्रकोप हो जाने से किसान खासे परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों का मानना है कि मंसूरी धान की फसलों का इससे अधिक नुकसान हो रहा है। असोथर क्षेत्र में अगैती धान की कटाई होने लगी है। हालांकि अक्टूबर माह के अन्तिम सप्ताह की बारिश से यहां का किसान काफी खुश था, वजह बीते वर्ष में धान को फंगस (हापर) ने 70 फीसदी तक का नुक़सान किया था। इस वर्ष फंगस शुरुआत होते ही बारिश होने से फैल नहीं सका। लेकिन काली सूंड़ी अब देखने को मिल रही है। क्षेत्र में बहुतायत लम्बी अवधि की मंसूरी प्रजाति की खेती किसान करते आ रहे हैं। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्वयं प्रयोग के लिए किसानों द्वार...
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