लखनऊ, नवम्बर 13 -- प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार ने औद्योगिक माहौल को और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन ने पूरे प्रदेश में स्वप्रमाणन व्यवस्था और तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) ऑडिट प्रणाली लागू की है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डा. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। नई व्यवस्था के तहत कम जोखिम वाले यानी गैर-खतरनाक प्रतिष्ठान यदि स्वप्रमाणन प्रणाली अपनाते हैं तो उन्हें पांच वर्ष में केवल एक बार यादृच्छिक आधार पर निरीक्षण का सामना करना होगा। इस अवधि में वे निरीक्षण से मुक्त रहेंगे। जो प्रतिष्ठान स्वप्रमाणन नहीं अपनाएंगे, उनके साथ-साथ मध्यम जोखिम वाले कारखानों का निरीक्षण प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तृतीय पक्ष के माध्यम से...