प्रयागराज, जून 21 -- प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) ने अब अपने एमटेक इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्राचीन भारतीय नाड़ी विज्ञान को भी शामिल कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत पाठ्यक्रम को अपडेट किया है। इसमें आधुनिक विज्ञान के बायोमैटेरियल्स, बायो इलेक्ट्रिक्स, मेडिकल टेलीमेडिक्स बायो मेडिकल के साथ-साथ आधुनिक जैव-चिकित्सा तकनीक के संग पारंपरिक भारतीय चिकित्सा ज्ञान का समावेश किया गया है। यह नया पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया जाएगा। अप्लाइड साइंस विभाग के अंतर्गत 20 सीटों के सापेक्ष एमटेक इन बायोमेडिल इंजीनियरिंग में दाखिला होगा। पाठ्यक्रम कुल 66 क्रेडिट का होगा। खास बात यह है कि छात्रों को अब मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपनी सुविधा और योग्यता ...