उन्नाव, दिसम्बर 3 -- उन्नाव। ग्राम पंचायतों के विकासकार्यों में गड़बड़ी की शिकायत की जांच अफसरों की हीलाहवाली से अब तक अटकी पड़ी है। एक साल बाद भी 16 शिकायतों की जांच पूरी नहीं हो पाई। केंद्र व प्रदेश सरकार हर साल ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों का बजट देती है। यह बजट गांव में सड़क, नाली, पानी आदि मूलभूत सुविधाओं पर खर्च करने का प्रावधान है। लेकिन कई प्रधान व सचिव इसमें निजी स्वार्थ सिद्ध कर लेते हैं। ऐसे ही 18 प्रधान और सचिवों की शिकायतों की जांच सालभर से लंबित है। जबिक जांच के लिए डीएम ने अलग-अलग जिलास्तरीय अधिकारियों को नामित करके जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी जिम्मेदारों ने रिपोर्ट नहीं दी। डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग में 16 शिकायतों की जांच अभी पेंडिंग दिखा रही है। ...