फरीदाबाद, फरवरी 11 -- फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में इस बार अफगानिस्तान के कालीन अपनी बारीक बुनाई और आकर्षक डिजाइन के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अफगानिस्तान से आए मोहम्मद इशाक तैमूर अपने साथ वहां के मशहूर हस्तनिर्मित कालीन लेकर पहुंचे हैं, जिन्हें देखकर पर्यटक स्तब्ध रह जा रहे हैं। मोहम्मद इशाक तैमूर बताते हैं कि अफगान कालीन अपनी महीन गांठों, पारंपरिक पैटर्न और प्राकृतिक रंगों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इन कालीनों पर बने ज्यामितीय डिज़ाइन, फूल-पत्तियों की आकृतियां और पारंपरिक मोटिफ उनकी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। हर कालीन पूरी तरह हाथ से बुना जाता है, जिसमें कारीगरों की महीनों की मेहनत शामिल होती है। उनके अनुसार एक कालीन को तैयार करने में कम से कम एक से डेढ़ महीने का समय लगता है। बड़े आकार के ...