गोरखपुर, अगस्त 30 -- शिवम सिंह गोरखपुर। अपहरण के मामले में पहली बार किशोरी के बयान को बतौर साक्ष्य स्वीकार करते हुए पुलिस ने आरोपित पर पॉक्सो की धारा नहीं लगाई है। चिलुआताल से लापता किशोरी के मामले में दर्ज केस में विवेचना पर हाईकोर्ट ने आपत्ति की थी, लेकिन पुलिस मुख्यालय ने दरोगा की विवेचना को सही ठहराते हुए कोर्ट में शपथ पत्र दिया है। खबर है कि हाईकोर्ट ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। दरअसल, 19 अप्रैल 2025 को 17 वर्षीय किशोरी के लापता होने पर चिलुआताल थाने में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने 26 मई कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन, किशोरी ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि, वह युवक से प्रेम करती है और खुद से लखनऊ गई थी। दोनों के मंदिर में शादी की बात कहते हुए शारीरिक संबंध न बनने का बयान भी दिया। साथ ही किशोरी ने...
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