नई दिल्ली। अमित झा, अप्रैल 22 -- दिल्ली सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक छह माह में ऐसे छात्रों की जानकारी पुलिस से साझा करें जिन्होंने स्कूल छोड़ दिया है। ऐसे बच्चों की पहचान कर पुलिस उन्हें अपराध की राह पर जाने से रोकेगी। दरअसल, राजधानी में प्रत्येक वर्ष 80 से 85 फीसदी अपराधों को फर्स्ट टाइमर (पहली बार अपराध करने वाले) द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। इसमें भी बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की हैं जो स्कूल के दौरान ही पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार ने यह पहल की है। अप्रैल माह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया गया। उन्हें बताया गया कि वर्ष 2024 में दिल्ली के भीतर हुई आपराधिक घटनाओं में लगभग 85 फीसदी फर्स्ट टाइमर थे। ये ऐसे आरोपी थे जिनका पुराना कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.