वाराणसी, फरवरी 6 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के विधि संकाय में विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में न्यायपालिका की संवैधानिक भूमिका और सहयोगात्मक शासन में उसके योगदान पर केंद्रित विशेष व्याख्यान का आयोजन शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को समकालीन कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों की व्यावहारिक समझ प्रदान कर उनके अकादमिक एवं बौद्धिक विकास को सुदृढ़ करना था। अध्यक्षता कररते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रश्नोत्तरी सत्र की सराहना करते हुए नई शिक्षा नीति, इंटर्नशिप और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महामना की विरासत को कार्य के माध्यम से आगे बढ़ाना आवश्यक है। मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने "विकसित भारत के लिए सहयोगात्मक शासन में ...