मुरादाबाद, मई 7 -- मुरादाबाद। खून की बीमारी थैलेसीमिया के मरीजों की संख्या मुरादाबाद में बढ़ने को देखते हुए चिकित्सकों ने इसका कहर थामने के लिए जेनेटिक काउंसलिंग अपनाने पर जोर दिया है। चिकित्सकों के मुताबिक, आनुवांशिक बीमारी होने के चलते थैलेसीमिया के मामले बढ़ने से तभी रोका जा सकता है जब शादी से पहले पुरुष और महिला अपनी जेनेटिक काउंसलिंग जरूर कराएं। काउंसलिंग के माध्यम से जांच कराए जाने पर किसी महिला या पुरुष में थैलेसीमिया का जीन होने का पता चल जाएगा। थैलेसीमिया माइनर (अल्पता) से पीड़ित व्यक्ति में थैलेसीमिया के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। पुरुष व महिला दोनों के माइनर होने पर बच्चे के थैलेसीमिया से पीड़ित होने की संभावना बढ़ जाती है। थैलेसीमिया की बीमारी के फैलने को रोकने के लिए शादी से पहले जेनेटिक काउंसलिंग कराना बहुत जरूर हो गया है। श...
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