नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- गौरव वल्लभ,अर्थशास्त्री व भाजपा नेता हर सर्दी में दिल्ली की सांसें जहरीले स्मॉग से घुटते लगती हैं। हालांकि, यह महज मौसमी संकट नहीं है, बल्कि दिल्ली की ढांचागत कमियों का संकेत भी है। तमाम मंत्रालयों, लाखों लोगों और गाड़ियों से भरा यह शहर पर्यावरण व सेहत की कीमत चुकाए बिना भारी आर्थिक गतिविधियों को बनाए नहीं रख सकता। लिहाजा, इस समस्या का निदान सिस्टम में सुधार करने, सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाने, शासकीय बंटवारे और शहरी अर्थव्यवस्था को फिर से संतुलित करने में छिपा है। सबसे पहले चर्चा परिवहन की। निस्संदेह, दिल्ली तेजी से इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट की तरफ बढ़ रही है। अगले महीने तक 90 फीसदी सार्वजनिक सीएनजी बसें इलेक्ट्रिक हो जाएंगी। 2027 तक म्युनिसिपल कचरा उठाने वाली सभी गाड़ियां भी इलेक्ट्रिक हो जाएंगी। 2027 तक नए व...
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