कन्नौज, जनवरी 6 -- कन्नौज। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार पाने वाले गिग वर्कर्स महंगाई के इस दौर में गंभीर आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। कभी सहालग, त्योहार या बिक्री सीजन में काम की भरमार रहती है, लेकिन इन दिनों हालात ऐसे हैं कि कई-कई दिन पर्याप्त काम ही नहीं मिल पाता। सर्दी के मौसम में जब आम लोग घरों में रहना पसंद करते हैं, तब गिग वर्कर्स को शीतलहर, कोहरा और ठंडे हालात में सड़कों पर निकलकर रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डिलीवरी बॉय लवकुश बताते हैं कि काम की तुलना में भुगतान बहुत कम है। कई बार ग्राहक का पता दूर या जटिल होने से समय अधिक लगता है, लेकिन मेहनत के हिसाब से पैसा नहीं मिलता। सर्दी में शीतलहर और गर्मी में लू सहना उनकी मजबूरी है। बीमार पड़ने पर इलाज खुद के पैसे से कराना पड़ता है, क्योंकि आयुष्मान कार्ड जैसी सरकारी स्वास्थ्य...