हमीरपुर, फरवरी 5 -- कच्ची सड़क की वजह से अभिशप्त जीवन जीने को मजबूर छह सौ की आबादी वाला परसदवा डेरा के बाशिंदों के जनवरी माह में हुए अनशन के बाद प्रशासन ने उन्हें आश्वासन का झुनझुना थमा दिया। ग्रामीण सधे रहे और उन्हें इस बात का एहसास होता रहे कि सड़क बन रही है, इसलिए कच्ची सड़क के किनारे-किनारे क्षेत्र पंचायत के माध्यम से घटिया ईंटों के चट्टे लगा दिए गए हैं। हर दो-चार दिन में एक ट्रैक्टर से ईंटे लाकर यहां लगाए जा रहे हैं। एक अन्य महिला के नवजात शिशु की मौत और दूसरे के बैलगाड़ी में प्रसव की शर्मनाक घटना के बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने ग्रामीणों की सुध नहीं ली। एंबुलेंस वाले अपनी नौकरी का हवाला देते हुए गुरुवार को परसदवा डेरा इस बात की पुष्टि कराने पहुंचे थे ग्रामीण यह कह दें कि उन्होंने एंबुलेंस को कॉल ही नहीं की है। जबकि...