बांका, जनवरी 14 -- बांका, निज संवाददाता। अध्यात्म, संस्कृति और परम्परा की त्रिवेणी कहे जाने वाले बांका जिले के मंदार क्षेत्र में मकर संक्रांति का महापर्व आज पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सूर्य के उत्तरायण होते ही आज से शुभ कार्यों की शुरुआत भी हो जायेगी। अध्यात्म के दृष्टिकोण से मकर संक्रांति को सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।इस दिन दान पुण्य करने की भी पुरानी परंपरा है,वहीं वैज्ञानिक और भौगोलिक रूप में मकर रेखा को पार करने से पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में सूर्य की किरणें सीधी पड़ने लगती है और ठंड का असर भी धीरे धीरे कमने लगता है।सूर्य के पृथ्वी के नजदीक आने से दिन बड़े होने शुरु हो जाते हैं, प्रकृति में गर्मी का संचार होता है,जो कृषि के लिए भी फायदेमंद है।अंग प्रदेश की सं...