बिजनौर, अगस्त 21 -- अधिवक्ता की हत्या कर दुर्घटना दिखाने के मामले में पौने तीन महीने से जेल में बंद आरोपी महिपाल और उसकी पुत्री अर्चना की जमानत अर्जी पर विचार करने के बाद स्पेशल जज अवधेश कुमार ने बाप-बेटी की जमानत निरस्त कर दी। विशेष लोक अभियोजक शलभ शर्मा ने बताया कि नगीना निवासी छैल कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें बताया कि उसका लड़का कमल कुमार 15 अक्टूबर 2024 को वकालत का कार्य बता कर घर से निकला था। घर वापस नहीं आने पर उसके लड़के ने बताया कि वह किसी की जमानत कराने में लगा है। उसी दिन मृतक के पिता के फोन पर मृतक के फोन से कॉल आई। जिसमें एक महिला ने बताया कि उसके पुत्र की मृत्यु हो गई है। शाम पांच बजे एंबुलेंस से उसके लड़के कमल की डेडबॉडी एक महिला व पुरुष लेकर घर आए। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम महिपाल सिंह चौहान व उषा देवी मोहल्ला लोहि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.