उन्नाव, नवम्बर 18 -- उन्नाव। पुलिस व अधिवक्ताओं के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। पीड़ित अधिवक्ता ने वर्ष 2024 में कुछ पुलिसकर्मियों पर गालीगलौज व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत दो प्रार्थना पत्र दिए थे। जो निचली अदालत में सुनवाई के बाद खारिज हो गए। इसके बाद पीड़ित अधिवक्ता ने खारिज हुए दोनों प्रार्थना पत्रों की सेंशन न्यायालय में रिवीजन अपील दायर की। जिसे फास्ट टैज्क न्यायालय के न्यायाधीश ने स्वीकार कर लिया। अधिवक्ता के मुताबिक इसी बात से पुलिसकर्मी नाखुश चल रहे थे और सोमवार को अधिवक्ता व उसके दो भाई, दो बहने, मां व एक अन्य को थाने लेकर आई। यहां थाने में उनसे जमकर मारपीट की गई। दही थानाक्षेत्र के तुर्कमान नगर निवासी अधिवक्ता पीयूष सिंह लोधी के मुताबिक, दो मई 2023 की शाम करीब तीन बजे वह भाई उपदे...