विधि संवाददाता, नवम्बर 26 -- पटना हाईकोर्ट ने बेवजह केस दायर कर अदालत का समय बर्बाद किए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एक आवेदक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। अदालत ने जुर्माना राशि को एक महीने के भीतर पटना हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमिटी में जमा करने का आदेश दिया है। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेन्द्र पांडेय की खंडपीठ ने कमलेश कुमार सिंह की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद बुधवार को यह आदेश दिया। आवेदक की ओर से अर्जी दायर कर पटना हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई गई थी। कोर्ट ने उनकी सभी गुहार को नामंजूर करते हुए अपने आदेश में कहा कि विवादित जमीन सार्वजनिक जमीन है या नहीं, इसे बताने में आवेदक विफल रहे हैं। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट के पूर्व के आदेश में कोई त्रुटि बताने मे...