नई दिल्ली, जुलाई 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर की अदालतों और न्यायाधिकरणों में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने के पुराने फैसले को लागू करने के बारे में 20 हाईकोर्ट द्वारा अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालयों को शौचालयों की सुविधा सुनिश्चित करने के बारे में 8 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि हम उच्च न्यायालयों को रिपोर्ट दाखिल करने का आखिरी मौका दे रहे हैं। पीठ ने सख्त लहजे में कहा कि यदि अगले 8 सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है तो संबंधित अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी के अपने फैसले में कहा था कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत उचित सेनिटेशन तक पहुंच को मौलिक अधिकार माना गया है। पीठ...
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