कुशीनगर, फरवरी 20 -- कुशीनगर। हनुमान जी के प्राण तत्व के रूप में भगवान श्रीराम व माता जानकी का वास है। अपने अतुलित बल और असीमित बुद्धि व समस्त सद्गुणों के कारण हनुमान सर्वथा पूज्यनीय हैं। जगदीश सेवा न्यास की तरफ से जगदीश पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित पंचदिवसीय हनुमान कथा एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम बाल व्यास पंडित अरविंद भाई ओझा ने ये बातें कहीं। उन्होंने हनुमान जन्म का बड़े ही सुंदर ढंग से वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्रावतार हैं। धर्म, अर्थ, मोक्ष आदि जो भी अभिलाषा भक्तों के मन में आती है, सच्चे हृदय से पूजन करने पर बजरंग बली अवश्य पूरा करते हैं। इसके पूर्व कथा के आरंभ में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने हनुमान के गुणों के संदर्भ में गोस्वामी तुलसीदास द...