रांची, अप्रैल 27 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों ने रांची विश्वविद्यालय के उस निर्णय का विरोध किया, जिसमें शिक्षकों की कमी वाले कॉलेजों व विभागों में स्थायी और आवश्यकता आधारित शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है। अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने कहा है कि अतिथि शिक्षकों को काम करने से रोक कर उनकी जगह किसी दूसरे कॉलेज से शिक्षक का स्थानांतरण कर काम लेना कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि वैसे भी रांची विश्वविद्यालय में शिक्षक का अकाल पड़ा हुआ है, जिस कॉलेज से ये शिक्षक आ रहे हैं अब उस कॉलेज में शिक्षकों की कमी होगी। यह बस खानापूर्ति है। वहीं, अतिथि शिक्षक डॉ मुमताज आलम ने कहा कि कई कॉलेजों में शिक्षकों की जगह शोधार्थियों से सेवा ली जा रही है। इसपर राजभवन और सरकार को संज्ञान लेना चाहिए और हम अतिथि शि...
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