मुंगेर, दिसम्बर 16 -- संग्रामपुर, एक संवाददाता। तालाबों का समाजिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। तालाब जल संरक्षण का प्रमुख आधार भी है। लेकिन संग्रामपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्रिटिश कालीन तालाब के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। तालाब अतिक्रमण और रखरखाव नहीं होने से पहचान खोता जा रहा है। ब्रिटिश काल में लगभग 7 एकड़ क्षेत्रफल में इस तालाब का निर्माण नील की खेती के उद्देश्य से कराया गया था। उस समय बेलहरनी नदी से सीधे पानी लाकर इस पोखर का उपयोग नील उत्पादन के लिए किया जाता था। आज भी इसके प्रमाण स्वरूप पोखर के उत्तरी किनारे पुराने पंप हाउस और हौज के अवशेष मौजूद हैं, हालांकि अब उन पर भी अतिक्रमण कर आवास बना लिए गए हैं। समय के साथ लोगों ने तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया। पूर्वी भिंड पर दर्जनों...