ढाका, जनवरी 27 -- बांग्लादेश सरकार की एक समीक्षा समिति ने सोमवार को कहा कि उसने भारतीय समूह अडानी के साथ हुए अरबों डॉलर के बिजली आपूर्ति समझौते में 'गंभीर विसंगतियां' पाई हैं। यह समझौता बांग्लादेश की कुल बिजली आवश्यकता का लगभग 10% हिस्सा पूरा करता है। ढाका की यह समिति उन बिजली सौदों की जांच कर रही है, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के दौरान किए गए थे। शेख हसीना सरकार को अगस्त 2024 में एक विद्रोह के बाद सत्ता से हटा दिया गया था। इसके बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव देखा गया है।रिपोर्ट के क्या है मुख्य आरोप? 'नेशनल रिव्यू कमेटी ऑन पावर परचेज एग्रीमेंट्स' ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति का कहना है कि देश के स्वामित्व वाला 'बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड' (BPDB) बिजली के लिए जो कीमत चुका रहा है, वह उ...