नई दिल्ली, जनवरी 29 -- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चुनाव चिह्न घड़ी की सुइयां रुक गई हैं। पार्टी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar Death) के निधन के बाद नजर अब इस बात पर है कि एनसीपी की घड़ी की सुइयां किस तरफ घूमती हैं और क्या उनके बगैर एनसीपी का वजूद रहेगा। राजनीतिक रणनीतिकार मानते हैं कि फिलहाल महायुति सरकार में होने के कारण एनसीपी कुछ दिन तक बरकरार रह सकती है। पर, सत्ता से बाहर होने या चुनाव के वक्त टूट संभव है। कई नेताओं का मानना है कि अजित की पार्टी में कोई दूसरी पंक्ति का मजबूत नेतृत्व नहीं है। इस वक्त कोई भी एक नेता अगुआई कर सकता है, पर अजित पवार के बगैर मराठा राजनीति करना आसान नहीं होगा। ऐसे में मराठा मतदाता एक बार फिर वरिष्ठ नेता शरद पवार की पार्टी की तरफ रुख करेंगे। जुलाई 2023 में अपने चाचा शरद पवार से अ...
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