मुंबई, जनवरी 30 -- महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के जाने से ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसका भरना मुश्किल है। लेकिन उसके चलते हलचलें तेज हो सकती हैं और एनसीपी के भविष्य को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। कयास यहां तक लग रहे हैं कि एनसीपी में भविष्य में एकता होगी तो शरद पवार खेमे को फिर से लीडरशिप मिल सकती है। यही नहीं इसी के चलते एकता के प्रयास फिलहाल टाले भी जा सकते हैं क्योंकि अजित पवार गुट का कोई भी नेता नहीं चाहता कि शरद पवार खेमे का सिक्का चले। ऐसी स्थिति में आने वाले कुछ महीने एनसीपी के लिए अहम होंगे और देखना होगा कि हालात कैसे बदलते हैं। अजित पवार के अंतिम संस्कार के मौके पर पूरा परिवार पहुंचा था। शरद पवार भावुक थे तो सुनेत्र पवार की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। अजित के दोनों बेटे जय और पार्थ पिता की अर्थी के साथ-साथ चल रह...
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