नई दिल्ली, नवम्बर 12 -- क्या अग्रिम जमानत के लिए सीधे हाईकोर्ट जाना सही है या वादियों के लिए पहले सेशन कोर्ट का रुख करना जरूरी है? सुप्रीम कोर्ट इस अहम सवाल की पड़ताल करेगी। शीर्ष अदालत ने इस मामले को सुनवाई के लिए बुधवार को तीन जज की पीठ को सौंप दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई तीन जज की पीठ के गठन के बाद ही की जाएगी। पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई तीन जज की पीठ द्वारा किए जाने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले मामले में सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा को न्यायमित्र नियुक्त किया था। शीर्ष अदालत ने आठ सितंबर को केरल हाईकोर्ट की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सीधे सुनवाई करने की 'नियमित प्रथा' पर ध्यान दिया था, जिसमें वादी को सेशन कोर्ट में जाने की जरूरत नहीं होती। सुप...