ललितपुर, नवम्बर 5 -- बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा पर सनातन धर्मावलंबी महिलाओं ने अगाध श्रद्धा के साथ नदियों, पोखरों, सरोवरों में स्नान करके भगवान का पूजन किया। फिर कार्तिक महात्म्य की कथा सुनाई गयी। घाटों पर बेदी और देवालयों व घरों में तुलसी के वृक्ष का पूजन हुआ। रणछोर धाम पर खासी चलह पहल रही। भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के पूजन के लिए कार्तिक सबसे उत्तम माह माना जाता है। यही कारण है कि सनातन धर्मावलंबी इस माह में विधि विधान के साथ भगवान की आराधना करते हैं। नदियों, तालाबों, पोखरों व सरोवरों में स्नान के पश्चात प्रतिदिन कथा सुनी जाती है और फिर घाट पर पूजन होता है। व्रत का संकल्प लेने वाली महिलाएं, पुरुष मंदिरों व देवालयों में भी पूजन करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर खासी संख्या में महिलाएं व पुरुष बेतवा, जामनी, रोहिणी, शहजाद सहित विभिन्न नदियों...