नई दिल्ली, मार्च 6 -- लोकसभा सीटों के परिसीमन को लेकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। बुधवार को तमिलनाडु के प्रमुख राजनैतिक दलों के बीच में एक बैठक हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि केंद्र अगले 30 वर्षों तक किसी भी परिसीमन के लिए 1971 की जनगणना को ही आधार माने। मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में हुई इस बैठक में तमिलनाडु की राजनीति दुश्मन माने जाने वाले कई दल शामिल हुए। एआईडीएमके और कांग्रेस समेत कुल मिलाकर 35 दलों के सदस्यों ने इसमें भाग लिया। हालांकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इस बैठक का बहिष्कार किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन ने दक्षिणी राज्यों के सभी सांसदों और जनप्रतिनिधियों वाली एक संयुक्त कार्रवाई समिति के गठन का भी प्रस्ताव रखा। इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच में...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.