नई दिल्ली, जनवरी 30 -- नई दिल्ली। भारत में महंगाई मापने का तरीका अब बदलने जा रहा है। सरकार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को नए आधार वर्ष के साथ पेश करने की तैयारी में है। अब तक महंगाई की गणना 2012 को आधार मानकर की जाती थी, लेकिन बीते एक दशक में लोगों की जीवनशैली, खर्च करने के तरीके और जरूरतें इतनी बदल चुकी हैं कि पुराना पैमाना हकीकत को ठीक से नहीं दिखा पा रहा था। इसी वजह से सरकार ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का आधार वर्ष 2024 करने का फैसला लिया है। नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 12 फरवरी 2026 से लागू होगा और उसी दिन जनवरी 2026 की खुदरा महंगाई के आंकड़े नए ढांचे के तहत जारी किए जाएंगे। सूचकांक में शामिल वस्तुओं और सेवाओं की संख्या भी बढ़ेगी। अभी जहां करीब 299 सामान हैं, वहीं नए ढांचे में इनकी संख्या बढ़कर 358 हो जाएगी। इससे महंगाई की गणना ज्यादा विस्तृत...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.