जमशेदपुर, फरवरी 16 -- साकची रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की अविरल धारा बही। व्यासपीठ से वृंदावन धाम से पधारे पूज्य संत स्वामी सर्वानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भागवत केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि स्वयं भगवान का साक्षात स्वरूप है, जिसके श्रवण मात्र से जीव का कल्याण होता है। महाराज श्री ने श्रीकृष्ण लीला का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। गोवर्धन पूजा प्रसंग को सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का हरण कर ब्रजवासियों की रक्षा की, तब यह संदेश दिया कि परमात्मा अपने भक्तों की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं। झूला उत्सव और छप्पन भोग की झांकी का वर्णन करते समय पूरा पंडाल राधे-राधे और गोविंद बोलो हरि गोपाल ब...