सहारनपुर, नवम्बर 10 -- कहते हैं कि बेटी भी बेटे से कम नहीं होती, जो काम बेटा कर सकता है वहीं काम बेटी भी कर सकती है। काम चाहे घर का हो या घर से बाहर का। नागल के भलस्वा ईशापुर निवासी 94 वर्षीया शोभा देवी का निधन सोमवार को हो गया था। परिवार में कोई पुरुष नहीं था, इसलिए उनकी इकलौती बेटी मिथिलेश शर्मा ने उनका अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि दी। पुरुष प्रधान समाज में भलस्वा ईशापुर में किसी महिला द्वारा अंतिम संस्कार किए जाने का यह पहला मामला है मिथिलेश शर्मा बाल विकास पुष्टाहार विभाग में सीडीपीओ के पद पर रह चुकी हैं। मां की इच्छा थी कि उनकी चिता को आग देने की रस्म बेटी ही निभाए। मां की अंतिम इच्छा मिथिलेश शर्मा ने हिंदू रीति रिवाज के साथ पूरी की। जो समाज में एक मिसाल है। जिसने भी ये नजारा देखा उनकी आंखें नम हो गई और बेटी के प्रति श्रृद्धा से ...