जयपुर, अक्टूबर 24 -- बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब दोनों प्रमुख दलों - भाजपा और कांग्रेस - के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। प्रदेश में यह एकमात्र उपचुनाव है, इसलिए दोनों दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले दोनों ही दल बूथ स्तर तक रणनीति को मजबूत करने में जुट गए हैं। अब फोकस पूरी तरह माइक्रो मैनेजमेंट पर है - यानी एक-एक वोट, एक-एक बूथ और एक-एक कार्यकर्ता की गतिविधि पर नजर। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने ब्लॉक और सेक्टर स्तर पर नुक्कड़ सभाओं का प्लान तैयार किया है। कार्यकर्ताओं को तय क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी जा रही है ताकि किसी भी बूथ पर कमजोर स्थिति न बने। इस चुनाव में निर्दलीय नरेश मीणा के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। जातीय समीकरणों में पकड़ और युवाओ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.