नई दिल्ली, नवम्बर 19 -- बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने भारत के अडानी समूह को आदेश दिया कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत विकास बोर्ड (बीपीडीबी) के साथ भुगतान विवाद को लेकर सिंगापुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता तब तक न करे जब तक कि उसके बिजली आपूर्ति सौदे की जांच पूरी न हो जाए। हाईकोर्ट की दो न्यायाधीशों वाली पीठ के आदेश के अनुसार, मध्यस्थता तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि बिजली खरीद समझौते और संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए नियुक्त समिति अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती।वकील ने दायर की थी याचिका यह आदेश एक वकील की याचिका के बाद आया है, जिसमें अडानी के साथ बीपीडीबी के समझौते को रद्द करने की समीक्षा के लिए हाईकोर्ट के हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया था। याचिका में इसे अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में हस्ताक्षरित 'एकतरफा' समझौता बताया...
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