मुजफ्फरपुर, जनवरी 6 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। पं. भूरामल शर्मा की जयंती की पूर्व संध्या पर मंगलवार को शहर के साहित्यकारों व लेखकों ने उन्हें याद किया। कहा कि साल 1925 में जब अंग्रेजों के डर से किसी ने जगह नहीं दी तब पं. भूरामल शर्मा ने पहला खादी वस्त्र बिक्री केन्द्र अपने सरैयागंज स्थित मकान में खोला था। साहित्यकारों ने कहा कि उस वक्त डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार का नेतृत्व कर रहे थे। बिक्री केन्द्र खुले बिना खादी वस्त्र खरीदना मुश्किल था। पं. भूरामल शर्मा ने अपने मकान में इसे खोलवाया तो उन्हें अंग्रेजों का कोपभाजन भी बनना पड़ा। इस मातृ बिक्री केन्द्र पर महात्मा गांधी भी आए और आज भी यह यहीं चल रहा है। यही नहीं, बिहार की प्रथम सेवा समिति नवयुवक समिति जब 1913 में बनी तो ये उसके पहले अध्यक्ष बने। बुधवार को पं. भूरामल शर्मा की जयंती हैं।...