कानपुर, अगस्त 12 -- कानपुर देहात, संवाददाता। अकबरपुर कस्बे में स्थित शाहपुर की रानी का किला आजादी की लड़ाई का गढ़ रहा था। 1857 की गदर के दौरान यह किला अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध का केंद्र बना था। इस किले से क्रांतिकारियों की बहुत सारी यादें व कांति की सैकड़ों कहानियां भी जुड़ी हुई थीं। लेकिन खंडहर में तब्दील हुआ यह किला आजद भारत में यह किला नगर पंचायत के बुलडोजर से अपना अस्तित्व भी नहीं बचा सका। देश को आजाद हुए 78 वर्ष में हम सब बदले,हमारा रहन-सहन बदला,लेकिन आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वाले आजादी के दीवानों व क्रांतिकारियो से जुड़े स्थानों को हम संजोकर नहीं रख पाए। इसके चलते बहुत सारे किले आज गुमनामी के अंधेरे में खोने को तैयार है। अकबरपुर में स्थित शाहपुर की रानी का किला जो 1857 की गदर में अंग्रेजों के खिलाफ गुरल्लिा युद्ध का क...
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