देहरादून, जनवरी 7 -- Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या को तीन साल से अधिक और मामले में आरोपियों को सजा सुनाए जाने के सात महीने बाद एक बार फिर यह केस सुर्खियों में है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता की कथित संलिप्तता के आरोप सामने आने के बाद उत्तराखंड में व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। कांग्रेस, वाम दलों और कई नागरिक संगठनों ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। इस बीच भाजपा में भी खींचतान देखी जा रही है। सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग का समर्थन किया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व और सरकार ने अब तक इस पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। शुरुआत से ही इस मामले में किसी "वीआईपी" की मौजूदगी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन SIT ने किसी प्रभावशाली नेता की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिलने की ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.